बेइज्जती जरूरी है ( Insult is necessary ) दोस्तो, मैने कभी सोचा नहीं था कि में इस टाइटल पर भी कभी पोस्ट लिखूंगा। पर अब मुझे ये जरूरी लगने लगा क्योंकि मैने कई बार अनुभव किया है। तो आज मैं इस टॉपिक पर खुल कर के बात करने वाला हूं। दोस्तो, हम सभी ने कभी ना कभी किसी की बेइज्जती जरूर की होगी। और फिर अगर उसे बेइज्जती का मतलब असल मायने में पता है तो उसने आपसे कभी बात नहीं की होगी या फिर पहले जैसी दोस्ती नहीं रखी होगी। और इसी तरह हमने भी अपनी कई बार बेइज्जती होने पर उस शख्स से बात करना बंद कर दिया होगा। हमारी नजर में ये फैसले बिल्कुल सही होते है। पर दूसरों की नजर में गलत। हमारी नज़र में ये बहुत बड़ी बेइज्जती होती है पर दूसरों कि नजर में बस एक छोटा सा मज़ाक। और फिर कहते है की इतने से मज़ाक पर ही बात करना बंद कर दिया। आगे चलकर हम मज़ाक और बेइज्जती मैं अंतर भी जानेंगे। दोस्तो, मैं भी बहुत मज़ाक करता हूं। और मेरे दोस्त भी मेरा बहुत मज़ाक उड़ाते है लेकिन में उन मज़ाक को आराम से सह लेता हूं। कभी कभी वो मेरे माता पिता पर भी मज़ाक करते है में वो भी सह लेता हूं। क्योंकि में जनता हूं मेरे दोस्त...
its all about life gets easier from problems facing in life