सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

क्या मेरे जाने का दर्द उसे भी उतना ही हुआ होगा? (Will the pain of my going to be the same to him/her?)

क्या लगता है आपको?( what do you think)?
क्या मेरे जाने का दर्द उसे भी उतना ही हुआ होगा। दोस्तों, ये सिर्फ एक सवाल नहीं है ये इस दुनिया के कई लोगो का या सीधा सीधा कहें तो उन लोगो की जिंदगी का सस्पेंस(दुविधा) ही बस रह गई है।क्योंकि उन्हें कभी मौका नहीं मिल पाया उनसे पूछने का। या शायद कहें तो उन्हें मौका दिया ही नहीं । वैसे तो हर रिलेशनशिप मैं ब्रेकअप होने का कोई ना कोई कारण जरूर होता है। पर किसी रिलेशनशिप मैं कारण का दोनों तरफ पता होता है और किसी मैं सिर्फ एक को ही। और दोस्तो जब कारण का हम दोनों को ही पता हो तब तो फिर भी कोई गुंजाइश होती है बीच की परेशानी को सुलझाने की। लेकिन दोस्तो सोचो, जब कोई इंसान बिना वजह बताए रिश्ता तोड़ दे। तो उस परेशानी मैं जब कोई इंसान होता है ना उसका दर्द कोई नहीं समझ सकता।

दोस्तो, कुछ बातें है लड़कियों और महिलाओं के बारे में जो मैं आप लोगो को बताना चाहता हूं मैने ये देखा है कि अक्सर लड़कियां बड़े बड़े फैसले ले लेती है भले ही उन्हें उस फैसले की वजह से बहुत दुखी होना पड़े। ये जानते हुए भी वो बड़े फैसले लेती है और ये खास बात हम लडको में बहुत कम देखी जाती है। और कभी कभी तो उन्हें ये भी नहीं पता होता कि उनके ये फैसले सही भी है या ग़लत। ये कहना बहुत ग़लत होगा की अगर लड़कियां किसी वजह से ब्रेकअप करती है तो उन्हें दुख नहीं होता। ये बात बिल्कुल गलत है। उन्हें भी होता है बहुत दुख या शायद लडको से ज्यादा होता है पर उनमें सहनशक्ति इतनी ज्यादा होती है। जो और किसी मैं नहीं होती। वो कितने भी बड़े दुख को मुस्कुरा कर सह सकती है और उसके मुस्कुराने पर हम कहते है देखो इन्हें तो कुछ फर्क ही नहीं पड़ता। जब ब्रेकअप होता है ना तब अगर कोई कारण नहीं पता चला या नहीं बताया या फिर कोई भी कारण रहा हो। उस समय अगर आपको ये नहीं पता कि उसे दुख हो रहा है या नहीं तो हमे अपने मन से नहीं सोचना कुछ की वो ब्रेकअप के बाद खुश है।


दोस्तो, मेरा विश्वास करो, ब्रेकअप के बाद अपने अंदर उस लड़की के प्रति ऐसी भावनाएं मत लाओ जो कहीं से भी जायज नहीं। क्योंकि ब्रेकअप के बाद लड़कियां मूवऑन करने कि कोशिश करती है। अपने आप को जितना हो सके उतना काम करने का समय देती है। अपने आपको व्यस्त रखती है। उन्हें बहुत दुख होता है। फिर भी आपको ना कोई कॉल ना कोई मैसेज। तो ये उनकी सहनशक्ति है।
एक बार सोचो आपसे प्यार करने वाली लड़की जो कभी आपको अचानक से यू छोड़कर चली जाए सोचो आपको छोड़ने का फैसला उसका खुद का हो तो उसने कितना बड़ा पत्थर अपने दिल पर रखा होगा। और उसके बाद आप जब इतना परेशान हो रहे होंगे तो आपको इस परेशानी में देख उसे कितना दुख हुआ होगा। आपके कॉल मैसेज का कुछ भी जवाब नहीं देना। आपसे ना मिलना। उसे कितना दुख दे रहा होगा।
अगर वो चाहे तो एक मिनट में रिलेशन को पहले जैसा बना सकती है पर वो ऐसा कुछ नहीं कर रही तो उसकी सहनशक्ति का में कायल हूं दोस्तो। तो यार आपसे ब्रेकअप करने के बाद आपसे ज्यादा तो उसे परेशानी हुई है। फिर आप कैसे कह देते है कि उसके लिए कितना आसान था।


आसान वासान कुछ नहीं था और ना कभी होगा। अपने प्यार को यूं पल पल मरते हुए छोड़ देना ना तो आसान था ना है और ना ही कभी होगा किसी के लिए भी नहीं। में मानता हूं। ब्रेकअप के बाद बहुत मुश्किल आती है जीने में। मैं यहां उनकी बात नहीं कर रहा हूं जो बस प्यार को एक खेल मानते है। और सिर्फ टाइम पास की तरह लेते है। समझने वाले समझते है मेरे पोस्ट हर किसी के लिए नहीं है ।बस जरूरतमंदो के लिए है।
मेरी पुरानी पोस्ट में भी आपके लिए मदद है पढ़िएगा और मुझे मेरी अगली पोस्ट का टाइटल भी दीजिएगा।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

"मै दूर आपसे हूं, सिर्फ आपकी खुशी के लिए" ( "I am away from you, only for your happiness" )

मेरी दूरी और आपकी खुशी  ( my distance and your happyness) वाह यार दोस्तो,शायद ही अभी तक मुझे मेरी इतनी सारी पोस्टों मैं से इतना अच्छा टाइटल कभी मिला होगा। ये सिर्फ एक टाइटल नहीं है दोस्तो ये एक सच्ची दास्तां है उन प्यार करने वालो की जो अपने प्यार को उसकी खुशी के लिए हसते खेलते बलिदान कर देते है सिर्फ उसकी खुशी की लिए भले ही उन्हें कितना दुख सहना पड़े। दोस्तो,में मानता हूं ये सिर्फ एक फैसला ही नहीं है बल्कि एक तरह का बलिदान है। मेरी बात भले ही सब लोग ना समझ रहे होंगे पर वो लोग जरूर समझ गए होंगे जिन्होंने ये बलिदान दिया है। दोस्तों जिन्होंने भी ये बलिदान दिया है उन्हें मैं सलाम करता हूं।क्योंकि दोस्तो शायद खुद को सारी जिंदगी का ग़म देकर दूसरे को जिंदगी भर की खुशियां देना कोई मामूली काम नहीं है।क्योंकि दोस्तो अगर कोई किसी के लिए जान देता है तो सबको पता लगता है कोई किसी को करोड़ो का तोहफा देता है तो सबको पता लगता है कोई किसी की मदद करता है तो पता लगता है पर दोस्तो किसी की खुशी के लिए उसे छोड़ देना सिवाय हमारे और भगवान के किसी को पता नहीं लगता।फिर भी हम ये बलिदान दे जाते ह...

क्या हम कभी बदलेंगे? या फिर उसी रवैये मैं रहेंगे? (Will we ever change? or will we stay with the same attitude?)

Attitude दोस्तो, मुझे पता है कि इस एक शब्द का मतलब आप अच्छी तरह से जानते है। और कुछ लोग इसका इस्तेमाल बखूबी करते है पर कुछ लोग इसका गलत इस्तेमाल भी करते है। या फिर यूं कहें तो भी गलत नहीं होगा कि जो लोग सफल है उन्होंने इसका इस्तेमाल सही किया और जो असफल रह गए उन्होंने गलत किया। क्योंकि दोस्तो, हमारी सफलता का एक बहुत ही अहम हिस्सा हमारा ऐटिट्यूड होता है और ये बात आप सभी जानते है। दोस्तो, आप सभी जानते है आजकल ऐटिट्यूड को हमारे आस पास मैं एक कॉम्पिटिशन कि तरह बनाया जा रहा है हम सोचते है की अटिट्यूड मैं रहो बस किसी की मत सुनो अपनी करो बस और ऐटिट्यूड मैं रहो। किसी से आगे होकर बात नहीं करेंगे क्योंकि हमारे अंदर तो ऐटिट्यूड है हम क्यों झुके हम क्यों पहले बात करे हम क्यों पहल करें। वो भी तो कर सकता है। अगर किसी को मदद कि जरूरत है तो हम सोचेंगे की क्यों किसी की मदद मांगे हमारे अंदर तो ऐटिट्यूड है और अगर मदद देने वाले में भी ऐसा ऐटिट्यूड निकला तो वो सोचेगा की में क्यों मदद करू आगे होकर मांग भी तो सकता है। दोस्तो, सोचो वहीं अगर हमारे किसी अपने को मदद की जरूरत होती है तो हमारा ऐटिट्यूड 0% ह...

आज जो दिख रहे है वो कल नहीं दिखेंगे तो हमे दिखाना है (What we can see today, we will not see tomorrow, so we have to show)

हमे क्या दिखाना है?(what we have to show?) टाइटल में जैसा मैने कहा है , उसका यहां मतलब कुछ और है दोस्तो, आपको पता है कि मैं हमेशा ही कुछ मोटिवेशनल कॉन्टेंट लेकर आता हूं तो यहां भी कुछ ऐसा ही है बल्कि इस बार में कुछ अलग लाया हूं। दोस्तों आज मैं जिस टॉपिक पर बात करने वाला हूं वो कुछ अलग सोच कर मैने बनाया है हो सकता है कई लोगो को पता भी हो पर उन्होंने इस बात पर ज़रा भी ध्यान ना दिया हो पर इस पर आगे बढ़ने के लिए ध्यान देना जरूरी है। तो चलिए शुरू करते है।दोस्तो मेरी बातो पर घोर करिएगा अपने आस- पड़ोसी पर ज़रा ध्यान दीजिए ज़रा, की कौन है कैसे है उनकी बेटी कितनी सुंदर है या किसी की बहन कितनी सुंदर है ,सोचिए। हम सबको पता है कि हमे हमारे पड़ोसियों से लगाव हो ही जाता है हम उनके साथ घर के एक सदस्य जैसा ही व्यवहार करते है और सदस्य ही मानते है पर में यहां मेरा कुछ और तरह का अनुभव बता रहा हूं।दोस्तो मेरे पड़ोस में एक लड़की रहती थी उम्र मैं मुझसे बड़ी ही थी पर अट्रैक्शन तो हो ही जाता है और मुझे तो कई बार हुआ तो पड़ोसी से भी हो गया।बात तो हम कई सालो से करते थे पर मैने उसे प्रपोज करने में 2 सा...