क्या हम कभी बदलेंगे? या फिर उसी रवैये मैं रहेंगे? (Will we ever change? or will we stay with the same attitude?)
Attitude
दोस्तो, मुझे पता है कि इस एक शब्द का मतलब आप अच्छी तरह से जानते है। और कुछ लोग इसका इस्तेमाल बखूबी करते है पर कुछ लोग इसका गलत इस्तेमाल भी करते है। या फिर यूं कहें तो भी गलत नहीं होगा कि जो लोग सफल है उन्होंने इसका इस्तेमाल सही किया और जो असफल रह गए उन्होंने गलत किया। क्योंकि दोस्तो, हमारी सफलता का एक बहुत ही अहम हिस्सा हमारा ऐटिट्यूड होता है और ये बात आप सभी जानते है।
दोस्तो, मुझे पता है कि इस एक शब्द का मतलब आप अच्छी तरह से जानते है। और कुछ लोग इसका इस्तेमाल बखूबी करते है पर कुछ लोग इसका गलत इस्तेमाल भी करते है। या फिर यूं कहें तो भी गलत नहीं होगा कि जो लोग सफल है उन्होंने इसका इस्तेमाल सही किया और जो असफल रह गए उन्होंने गलत किया। क्योंकि दोस्तो, हमारी सफलता का एक बहुत ही अहम हिस्सा हमारा ऐटिट्यूड होता है और ये बात आप सभी जानते है।
दोस्तो, आप सभी जानते है आजकल ऐटिट्यूड को हमारे आस पास मैं एक कॉम्पिटिशन कि तरह बनाया जा रहा है हम सोचते है की अटिट्यूड मैं रहो बस किसी की मत सुनो अपनी करो बस और ऐटिट्यूड मैं रहो। किसी से आगे होकर बात नहीं करेंगे क्योंकि हमारे अंदर तो ऐटिट्यूड है हम क्यों झुके हम क्यों पहले बात करे हम क्यों पहल करें। वो भी तो कर सकता है। अगर किसी को मदद कि जरूरत है तो हम सोचेंगे की क्यों किसी की मदद मांगे हमारे अंदर तो ऐटिट्यूड है और अगर मदद देने वाले में भी ऐसा ऐटिट्यूड निकला तो वो सोचेगा की में क्यों मदद करू आगे होकर मांग भी तो सकता है। दोस्तो, सोचो वहीं अगर हमारे किसी अपने को मदद की जरूरत होती है तो हमारा ऐटिट्यूड 0% हो जाता है। क्यों,क्योंकि वो तो अपना है मेरा उससे रिश्ता है।तो यार, किसी की हेल्प करने के लिए कोई रिश्ता होना जरूरी है क्या? बिना रिश्ते हुए मदद नहीं कर सकते?
और दोस्तो कई लोगो का में कभी फेसबुक पे या इंस्टाग्राम पर स्टेटस चेक करता हूं तो वो कुछ ऐसे होते है " king of attitude"," attitude ka baap"," और तो और दोस्तो, कुछ लड़के कुछ लड़कियां ऐसा सोचते है की जितना ज्यादा ऐटिट्यूड रखोगे तो लड़के लड़कियां उतना ही ज्यादा इंप्रैस होंगे । बल्कि इसका उल्टा है आप अपने पार्टनर के प्रति जितना ज्यादा ऐटिट्यूड रखोगे उतना ही आपका रिश्ता कमजोर होता चला जाएगा।
क्योंकि, देखिए हर रिश्ते में लड़ाई झगड़े होते है । मेरा मतलब अगर इस दुनिया का सबसे बेस्ट कपल भी होगा ना तो उनमें भी होता है। क्योंकि इसका एक मुख्य कारण होता है और वो है सोच। क्योंकि सबकी सोच अलग अलग होती है तो कभी कभी क्लेश हो ही जाता है पर समझदार लोगो मैं सबकुछ पहले जैसा हो जाता है क्योंकि वो लोग ऐटिट्यूड का सही इस्तेमाल जानते है। वो जानते है कि गलती होने पर उन्हें माफी मांगनी है। वो जानते है कि उनकी जिंदगी में बुरे ऐटिट्यूड की कोई जगह नहीं है।तो दोस्तो मैं यहां आपको यही समझने कि कोशिश कर रहा हूं कि जो लोग ऐटिट्यूड का गलत इस्तेमाल करते है वो कभी आगे होकर माफी नहीं मांगते है चाहे गलती उन्हीं की हो क्योंकि उनका इगो हर्ट ना हो जाए भले ही रिश्ता टूट जाए तो जो इंसान एट्टीट्यूड का सही इस्तेमाल नहीं करेगा वो तो हर जगह असफल ही होगा।
तो सही होगा अगर हम इस एट्टीट्यूड को हमारे बेइज्जती होने पर काम मैं ले। दोस्तो एट्टीट्यूड होना भी बहुत जरूरी होता है । इसके बिना भी आप सफल नहीं हो सकते बस इसका सही इस्तेमाल करना है। दोस्तो, जहा भी आपको बेइज्जती महसूस हो रही हो वहा गुस्सा होइए ऐटिट्यूड दिखाइए और अपने आप में एक बड़ा बदलाव लाइए तभी आपके लिए सफलता के दरवाजे खुलेंगे। पर बिना बात ऐटिट्यूड दिखाने का कोई मतलब नहीं होता दोस्तो क्योंकि आप अभी कुछ नहीं है सोचिए आप अपने शहर में कितनी सी हैसियत रखते है सोचिए फिर आपके राज्य में ,सोचिए आपके देश में आप कितने से है इस पूरी प्रथ्वी मैं आप कितने से है या इस पूरे ब्रह्मांड में आप कितने से है। तो जब हम कुछ है है नहीं तो किस बात का घमंड। कल क्या हो हमे कुछ नहीं पता आज जो लोग हमारे बीच है कल वो होंगे या नहीं हमे नहीं पता । उनकी छोड़ो हम खुद कल होंगे या नहीं हमे तो ये भी नहीं पता तो में यह सिर्फ यही बताने कि कोशिश कर रहा हूं कि हमारे हाथ में कुछ भी नहीं है अगर है तो बस दूसरो के प्रति अपना व्यवहार। बेकार के एटीट्यूड में समय बर्बाद ना करके बल्कि सबके साथ मिलके आगे बढ़ते है।
अपने प्रॉब्लम कॉमेंट बॉक्स में बताइए और मेरी ये पोस्ट किसी लगी जरूर बताइएगा।



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