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अगस्त, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

क्या सचमुच डर के आगे जीत है? (Is victory really over fear?)

what was the morning really? दोस्तो, अपनी जिंदगी का पहला जॉब के अनुभव के बारे में बात कर रहा हूं। दोस्तो मैं स्कूल टाइम में कई बार स्टेज परफॉर्मेंस दे चुका हूं। कई जगह डांस भी कर चुका हूं बिल्कुल भी शर्मिला नहीं हूं। और तो और मैं इस जॉब से पहले चार पांच जगह पहले ही जॉब कर चुका हूं पर पता नहीं क्यों उस दिन इतना डर सा लग रहा था। पर मैने कैसे उस डर से जीत पाई आज में वहीं शेयर करने वाला हूं। क्योंकि सच मैं क्या सुबह थी यार वो। दोस्तों मैं एक स्कूल मैं टीचर की जॉब के लिए जब गया पहले पहले तो मेरा नंबर ही कहीं भी नहीं आया फिर जब मुझे एक इंग्लिश मीडियम स्कूल ने जॉब दिया तब में काफी खुश था मैने सोचा चलो कहीं से शुरुआत तो हुई। दोस्तों, मैने अच्छे से डेमो क्लास के लिए अपनी तैयारी कर ली थी। और जिस दिन मुझे डेमो के लिए जाना था उससे एक दिन पहले मैं थोड़ा बहुत डरा हुआ था ज्यादा नहीं बस थोड़ा बहुत। अगले दिन सुबह उठा तैयार भी हो गया पर धीरे धीरे मेरे घर से निकलने का टाइम आ रहा था एक डर सा लग रहा था। वो डर जॉब को खो देने का तो बिल्कुल भी नहीं था। पता नहीं क्यों पर अंदर से बहुत घबराहट हो रही थी...

सही या ग़लत होना जरूरी नहीं बस कुछ होना जरूरी है (It is not necessary to be right or wrong Just something needs to happen )

Something needs to be happen (कुछ होना चाहिए) दोस्तो, आजकल जिंदगी में सभी लोग बस अपनी जिंदगी हो आसान बनाने के तरीके ढूंढ रहे है। मैने कई लोगो को देखा है जो ऐसा कहते है कि बस सैलरी टाइम पर आ ही जाती है और काम भी कुछ करना नहीं पड़ता है। अक्सर ये लोग सरकारी नौकरी वाले होते है। हां, मैं सभी लोगो की बात नहीं कर रहा हूं कुछ ऐसे भी होते है जो कि अपने काम को पूरी मेहनत और लगन और ईमानदारी के साथ करते है सच, बहुत कम ऐसे लोग देखने को मिलते है इसलिए में उनकी बहुत इज्जत करता हूं। पर जो लोग बस किसी भी काम को देखकर दूर भागते है या जिन्हें बस आराम ही चाहिए होता है ऐसे लोग क भी जिंदगी में आगे नहीं बढ़ पाएंगे। दोस्तो, में गारंटी दे सकता हूं ऐसे लोग कभी कुछ नहीं बन सकते है। इसलिए जितना हो सके आप ऐसे लोगो से दूर रहें जो आपको हमेशा सोते हुए मिलते हो या जो हमेशा यही बात बोलते हो की, हमे तो जैसे तैसे करके बस 9 से 5 बजानी है। हाथ जोड़कर विनती है मेरी आपसे की अगर आपका जीवन में कुछ लक्ष्य है तो इसे लोगो से दूरी बनाए रखना। क्योंकि ऐसे लोग बस इसी हालत में जीते है और इसी हालत में मर जाते है। ना तो कभी कोई...

क्या हमारे बीच सिर्फ यही एक टॉपिक रह गया है बात करने को ?( Is this the only topic left among us to talk ?)

सच है यार क्या बात करें... क्या बात करूं? किस बारे में बात करूं? पास बैठूं या नहीं? क्या शर्म आती है या फिर डर लगता है?  मेरी ये पोस्ट हर किसी के लिए नहीं है। पर हां ज़रूर कुछ लोगो के लिए है। में आज यहां ना तो किसी गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड के रिश्ते को लेकर आया हूं ना ही दोस्तो की बात करूंगा। ये पोस्ट कुछ अलग है जैसा मैने महसूस किया है अपनी आधी जिंदगी में,शायद कईयों ने किया होगा। जी हां, मैं एक बेटा हूं सबकी तरह। मेरी ये पोस्ट एक पिता और पुत्र के रिश्ते को लेकर है। तो मुझे ऐसा लगता है कि इस पोस्ट को पढ़ने की जरूरत बेटों से ज्यादा कई पिता को है। दोस्तो, मेरे घरवाले मुझे हमेशा टोकते है की जब तेरे पापा इस कमरे में होते है तब तू दूसरे मैं होता है जब वो इसमें होते है तब तू दूसरे मैं होता है जब वो छत पर होते है तब तू नीचे होता है जब वो नीचे होते है तब तू ऊपर होता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि जब भी में उनके पास होता हूं बस एक ही चीज सुनाई पड़ती है। कैरियर कैरियर और कैरियर। कभी किसी और बात पर डिस्कशन नहीं होता। तो क्या सिर्फ हमारे बीच बस यही टॉपिक रह गया है बात करने को। और अब तो आदत सी भी ...